9/6/13

Ashish Pandey

Dedicated to my Friends Written by me.

दिल का ये दर्द अकेले मे कुछ कहता है..
सुनता है करता है फिर भी चुप रहता है.
                                 


है खुशिया हजारो और लाखो है दर्द 
फिर भी साथ चलने को बेकरार ये रहता है
                                    

मिलती है मोहब्बत जुदाई और गम
साथ देता ये दिल हमेशा ही रहता है

अक्सर मुझे सोचने पर मजबूर ये करता है
दिल का ये दर्द अकेले मे कुछ कहता है......................


सौजन्य से ....
आशीष पाण्डेय


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